सनातन धर्म की मूल शिक्षाओं, परंपराओं, संस्कारों और आध्यात्मिक मूल्यों का संरक्षण |
गौवंश की रक्षा, संवर्धन एवं सेवा द्वारा समाज में करुणा, संवेदना और प्राकृतिक संतुलन को बढ़ावा देना।
धर्मशिक्षा, वेद-शास्त्र अध्ययन, संस्कार एवं चरित्र निर्माण के माध्यम से समाज में सदाचारी, संस्कारित एवं जिम्मेदार पीढ़ी का निर्माण करना।
निःस्वार्थ सेवा, सहायता, राहत कार्य, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सहयोग के माध्यम से मानवता की सेवा करना तथा समाज के कमजोर, जरूरतमंद और पीड़ित वर्ग के उत्थान हेतु सतत प्रयास करना।
मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों की रक्षा, उनके पुनरुद्धार तथा पवित्रता बनाए रखने का संकल्प लेना।
युवाओं को संगठित कर धर्म, संस्कृति, समाज एवं राष्ट्रहित के लिए प्रशिक्षित एवं सशक्त बनाना।
अध्यक्ष
महासचिव
कोषाध्यक्ष